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रियल लाइफ हीरो : गांव में जाकर ग़रीब बच्चों को पढ़ाता है यूपी पुलिस का सिपाही ज़फर अली,खुद आईपीएस बनना है ख़्वाब

रियल लाइफ हीरो : गांव में जाकर ग़रीब बच्चों को पढ़ाता है यूपी पुलिस का सिपाही ज़फर अली,खुद आईपीएस बनना है ख़्वाब

स्टाफ रिपोर्टर।Twocircles.net

गोंडा जनपद के नौजवान सिपाही मोहम्मद ज़फ़र अली का नाम इस समय काफी सकारात्मक चर्चा बटोर रहा है। गोंडा की जनता और तमाम अधिकारी अपने इस सिपाही की तारीफ़ करते नही रुक रहे हैं। गोंडा की कर्नलगंज कोतवाली के चेंचेरी चौकी का नौजवान सिपाही ज़फर अली अपने डयूटी टाइम से फ्री होने के बाद गांव में जाकर ग़रीब बच्चों को पढ़ाता है। ज़फर अली की बाकायदा कक्षा लगती है और वो इसके लिए कोई फीस नही लेता है। इस समय ज़फर अली की कक्षा में सौ से अधिक बच्चे है। इतना ही नही ज़फर अली खुद आईपीएस बनना चाहता है और इसके लिए यूपीएससी की तैयारियों में भी जुटा है। गोंडा के पुलिस कप्तान आकाश तोमर अपने सिपाही के कामकाज से बेहद खुश है और उनका कहना है कि वो अपने खाली समय का सदुपयोग कर रहा है।

मोहम्मद ज़फ़र अली जिन गरीब बच्चों की जिंदगी में शिक्षा की अलख जलाकर उनकी ज़िंदगियों को संवार रहें हैं, उनसे उनका एक बेहद भावनात्मक लगाव भी हैं। दरअसल सिपाही मोहम्मद जाफर उत्तर प्रदेश के ही महाराजगंज जिले के रहने वाले हैं। जाफर के पिता वसी अहमद सिलाई का काम करते हैं, उनकी मां भी इस काम में पिता का हाथ बंटाती हैं। जाफर कहते हैं कि उनकी पढ़ाई तंगहाली में हुईं हैं। पैसों के अभाव में तमाम मुश्किलों का सामना किया हैं। इसलिए वो ग़रीबी के चलते पढ़ाई न् होने के दर्द को बखूबी समझते है। वो खुद को इन बच्चों के बीच महसूस करते हैं।

ज़फर बताते हैं कि अभी दो महीने पहले ही चेंचेरी चौकी में तैनाती हुईं तो उन्होंने देखा कि बच्चे पढ़ने लिखने की उम्र में इधर उधर घूम टहल रहे थे, इन बच्चों के माता पिता भी पढ़ें लिखे नहीं है। यहां पढ़ाई को लेकर परेशानी थी। फिर उन्होंने इन्हीं सब चीजों को देखकर ही पाठशाला शुरू की। उनकी लगन को देखते हुए उन्हें अधिकारियों का अच्छा समर्थन मिल रहा है।

मोहम्मद जफर गोंडा की कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र के सूदूर चेंचेरी चौंकी में सिपाही के पद पर तैनात हैं। यह एकदम ग्रामीण इलाका है जिसे काफी पिछड़ा हुआ कह सकते हैं। ज़फर रोज़ शाम को ड्यूटी खत्म करने के बाद चौकी की करीब में ही पेड़ के नीचे नज़दीकी दसवीं कक्षा तक के छात्रों फ्री पढ़ाते हैं। जाफर की यह क्लास रोज़ शाम को चार के बाद लगती है। पढ़ने के लिए आने वाले बच्चे रोज़ शाम को एक झुंड बनाकर एक पेड़ के नीच इकट्ठे हो जाते हैं।

जाफर बच्चों को मुख्य तौर पर गणित और विज्ञान पढ़ाते हैं। जाफर का पढ़ाने का तरीक़ा ऐसा हैं कि बच्चे बड़ी रुचि से उनसे पढ़ते हैं। खास बात यह है कि जाफर पढ़ाने के साथ साथ बच्चों की काउंसिलिंग भी करते हैं ताकि बच्चें अभी से अपने भविष्य को लेकर एक मन बनाए।

गोंडा का यह इलाका बेहद पिछड़ा हुआ है, यहां के लोगों की आमदनी बेहद कम है ऐसी जगह इतनी अच्छी शिक्षा की कल्पना करना मुश्किल है। जाफर अपने ड्यूटी के समय के बाद सुविधा अनुसार बच्चों को पढ़ाते हैं। जफर की ड्यूटी शाम 4 बजें ख़त्म होती है और फिर एक घंटे के आराम के बाद 5 बजें से पैदल गश्त होता है, ऐसे में जाफर आराम न करके बच्चों को एक घंटा रोज़ पढ़ाते हैं।

आसपास के गांव के जिन माता पिता को पता चला है कि यहां मुफ़्त शिक्षा दी जा रही है तो वे अपने बच्चों को यहां भेज रहे हैं। कर्नलगंज के सीओ विनय कुमार सिंह कहते हैं कि ज़फर अली अपने समय का सही इस्तेमाल कर रहा है। ड्यूटी के बाद बहुत से सिपाही गैर जरूरी चीजों में समय नष्ट करते हैं उन्हें ज़फर से सीखना चाहिए। बच्चों के माता पिता ज़फर की पढ़ाने की लगन को देखकर बहुत खुश हैं। बच्चे ज़फर को पुलिस सर कहकर बुलाते हैं।

ज़फर बताते हैं कि वह ड्यूटी खत्म होने के बाद घूमने टहलने अथवा फोन में व्यस्त रहने की बजाय रोजाना गरीब बच्चों को पढ़ाते हैं। उन्हें पढ़ाने में मज़ा आता है और शौक़ भी है। ज़फर बताते हैं कि वो अभी भी सिविल की तैयारी कर रहे हैं। उनका सपना सिविल सर्विसेज में जाने का हैं, लेकिन अभी तक वो सपना पूरा नहीं हो पाया है। पहले कुछ पर‍िस्थ‍ित‍ियों के कारण वैसी तैयारी नहीं हो सकी‌। ज़फर कहते हैं कि यहां से अगर उनका पढ़ाया हुआ एक बच्चा भी कामयाब हो गया तो वो समझेंगे कि उनकी हर ख्वाहिश पूरी हो गई है। वो कहते हैं कि ज्ञान जितना बांटो उतना हीं बढ़ता है।

पाठशाला में पढ़ने वाले सभी छात्र ज़फर को पुलिस सर कहकर पुकारते हैं। पाठशाला में पढ़ने वाले करण कुमार नवोदय विद्यालय में दाखिले के लिए तैयार कर रहे हैं। वो बताते हैं कि पुलिस सर बहुत अच्छा पढ़ाते हैं। सर से हमें हिंट मिल जाता है और नॉलेज भी बढ़ता है। पाठशाला में पढ़ने वाले एक अन्य छात्र राहुल कहता है कि हम यहां ट्यूशन पढ़ने के लिए आते हैं। सर अच्छे से सारे सब्जेक्ट पढ़ाते हैं और उनके पढ़ाने के तरीके से सब समझ आता है और पढ़ाई में फ़ायदा मिलता है।

गांव के शरणवीर कुशवाहा कहते हैं कि सिपाही की यह पहल शानदार हैं। यहां आसपास गांव में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इसके अलावा पढ़ाई के लिए कुछ अच्छा स्कूल भी नहीं है। ज़फर की इस पहल से आसपास के बच्चों का काफी भला हो रहा है।

ज़फर ने गोरखपुर से गणित में बीएससी किया है। इसके बाद वो इलाहाबाद(अब प्रयागराज) आ गए जहां से उन्होंने एमएससी किया और साथ ही यूपीएससी की तैयारी करने लगे। तैयारी के दौरान ही ज़फर का यूपी पुलिस में सिलेक्शन हो गया। ज़फर को दो महीने पहले ही गोंडा में पहली तैनाती मिली है।

गोंडा के डीआईओएस राकेश कुमार कहते हैं कि मोहम्मद ज़फर अली ने जो पढ़ाने की पहल शुरू की है वो सराहनीय है। इससे प्रेरणा लेकर आगे आना चाहिए। गोंडा के एसपी आकाश तोमर ने भी मोहम्मद जाफर के सराहनीय पहल की प्रशंसा की है।